एथिक्स (Ethics) और नैतिकता (Morality) अक्सर एक-दूसरे के स्थान पर प्रयोग किए जाते हैं, लेकिन इनमें सूक्ष्म अंतर होता है।
नैतिकता (Morality): नैतिकता व्यक्तिगत सिद्धांतों और मूल्यों का समूह है, जो यह निर्धारित करते हैं कि किसी व्यक्ति के लिए क्या सही है और क्या गलत। ये व्यक्तिगत विश्वास, परवरिश, संस्कृति और अनुभव से प्रभावित हो सकते हैं। एक व्यक्ति नैतिक रूप से अकेला हो सकता है, भले ही दूसरे लोग उसके मूल्यों को अस्वीकार करें। उदाहरण: एक व्यक्ति युद्ध के खिलाफ हो सकता है (उसका व्यक्तिगत नैतिक मूल्य), भले ही बाकी सब युद्ध का समर्थन करते हों।
एथिक्स (Ethics): एथिक्स बाहरी स्रोतों, जैसे कि किसी पेशे (profession), संगठन (organization) या समाज द्वारा निर्धारित आचरण के नियम हैं। एथिक्स यह सुनिश्चित करते हैं कि एक समूह के सदस्य समान मानकों का पालन करें, भले ही उनकी व्यक्तिगत नैतिकता भिन्न हो। एथिक्स में, स्वयं की पूर्ति के लिए अन्य लोगों की उपस्थिति आवश्यक है, और दूसरों से स्वीकृति (acquiescence) की अपेक्षा होती है।
उदाहरण: एक वकील (lawyer) जानता है कि उसका मुवक्किल (client) दोषी है, फिर भी वह उसे बचाने की कोशिश करता है, क्योंकि यह वकीलों के लिए निर्धारित एथिक्स (code of conduct) है। उसका व्यक्तिगत विश्वास (नैतिकता) कुछ भी हो, उसे पेशेवर एथिक्स का पालन करना होगा।
इसलिए, एक व्यक्ति नैतिक हो सकता है, लेकिन एथिकल (नैतिक आचरण के नियमों का पालन करने वाला) नहीं, यदि उसके व्यक्तिगत मूल्य उस समूह या समाज के एथिक्स के विपरीत हैं, जिसका वह हिस्सा है।
एथिक्स का धर्म से गहरा संबंध हो सकता है, लेकिन यह केवल धार्मिक लोगों तक सीमित नहीं है।
उदाहरण:
इसलिए, एथिक्स धर्म से प्रभावित हो सकता है, लेकिन यह केवल धर्म पर निर्भर नहीं है। एथिक्स सार्वभौमिक (universal) हैं और सभी पर लागू होते हैं, चाहे उनकी धार्मिक मान्यताएं कुछ भी हों। कभी-कभी, धर्म सभी प्रकार की समस्याओं का समाधान नहीं कर पाते।
एक अच्छा कानून सिस्टम (system) कई एथिकल मानकों को शामिल करता है, लेकिन कानून हमेशा एथिकल नहीं होता। कानून और एथिक्स के बीच टकराव (conflict) हो सकता है।
कानून हमेशा एथिकल नहीं: कानून एथिक्स से भटक (deviate) सकता है। कभी-कभी कानून अनैतिक हो सकता है, जैसे कि रंगभेद (apartheid) या दासता (slavery) से संबंधित कानून। कानून सत्ताधारी वर्ग (powerful groups) के हितों की रक्षा कर सकता है।
कानून की सीमाएँ: कानून को कुछ महत्वपूर्ण क्षेत्रों में मानक (standards) बनाने या लागू करने में कठिनाई हो सकती है, और यह नई समस्याओं से निपटने में धीमा हो सकता है। इमैनुएल कांट (Immanuel Kant) के अनुसार, "कानून में, एक आदमी दोषी होता है जब वह दूसरे के अधिकारों का उल्लंघन करता है। एथिक्स में, वह दोषी है अगर वह ऐसा करने के बारे में सोचता है।"
उदाहरण:
नहीं, सांस्कृतिक रूप से स्वीकृत मानदंडों का पालन करना हमेशा एथिकल नहीं होता। कुछ संस्कृतियाँ काफी एथिकल होती हैं, लेकिन अन्य संस्कृतियाँ भ्रष्ट (corrupt) हो सकती हैं या कुछ एथिकल चिंताओं के प्रति अंधी (blind) हो सकती हैं।
उदाहरण:
इसलिए, "जब रोम में हों, तो रोमनों की तरह व्यवहार करें" ("When in Rome, do as the Romans do") एक संतोषजनक एथिकल मानक (satisfactory ethical standard) नहीं है। हमें अपनी संस्कृति के मानदंडों का आलोचनात्मक मूल्यांकन (critically evaluate) करना चाहिए और यह देखना चाहिए कि क्या वे सार्वभौमिक नैतिक मूल्यों के अनुरूप हैं।
नीतिशास्त्र विज्ञान नहीं है। सामाजिक और प्राकृतिक विज्ञान (Social and Natural Science) बेहतर और अधिक सूचित नैतिक विकल्प (Ethical choices) बनाने में हमारी सहायता करने के लिए महत्वपूर्ण डेटा प्रदान कर सकते हैं। लेकिन विज्ञान अकेले हमें यह नहीं बताता कि हमें क्या करना चाहिए। कुछ चीजें वैज्ञानिक या तकनीकी रूप से संभव हो सकती हैं और फिर भी उन्हें विकसित और प्रयोग करना अनैतिक हो सकता है। उदाहरण के लिए, परमाणु हथियार (Nuclear weapons) बनाना तकनीकी रूप से संभव है, लेकिन उनका उपयोग करना अनैतिक होगा क्योंकि इससे व्यापक विनाश (mass destruction) होगा।
इसलिए, एथिक्स भावनाओं, धर्म, कानून, सामाजिक रूप से स्वीकृत मानदंडों या विज्ञान पर आधारित नहीं है, एथिक्स तर्क, सहानुभूति और सार्वभौमिक नैतिक मूल्यों पर आधारित है।
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